गा रही औरतों और बैलों की गले की घंटियों की आवाज साफ सुनाई देने लगी। वैसे ही वंकाबाबा उठा। दीवार…
मनुष्य के साथ ना उठने-बैठने की सजा है तो होने दो होने दो यह…
गा रही औरतों और बैलों की गले की घंटियों की आवाज साफ सुनाई देने लगी। वैसे ही वंकाबाबा उठा। दीवार…
मनुष्य के साथ ना उठने-बैठने की सजा है तो होने दो होने दो यह…